कोरबा पावर लिमिटेड के क्षमता विस्तार हेतु जनसुनवाई सम्पन्न, समर्थन के साथ उठे महत्वपूर्ण मुद्दे
बरपाली तहसील अंतर्गत ग्राम सरगबुंदिया स्थित शासकीय स्कूल मैदान में अदाणी पावर लिमिटेड की इकाई कोरबा पावर लिमिटेड (केपीएल) के प्रस्तावित 1600 मेगावाट क्षमता विस्तार के लिए पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई का आयोजन छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के दिशा-निर्देश पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त कलेक्टर देवेन्द्र पटेल ने की। क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर साहू सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
करीब ढाई घंटे चली इस जनसुनवाई में बरपाली तहसील के 12 ग्रामों से हजारों ग्रामीण शामिल हुए। कंपनी की ओर से परियोजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रस्तावित विस्तार में 800-800 मेगावाट की दो इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी। सभा में उपस्थित लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों ने परियोजना का समर्थन किया और क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक राय रखी।
ग्रामीणों ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
हालांकि जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने गंभीर मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया—
जिन ग्रामीणों ने पूर्व में अपनी जमीन परियोजना के लिए दी थी, उन्हें अब तक अपेक्षित सरकारी या स्थायी रोजगार नहीं मिलने की शिकायत की गई।
राख (ऐश) के निस्तारण को लेकर चिंता व्यक्त की गई। ग्रामीणों ने कहा कि संयंत्र से निकलने वाली राख आसपास के क्षेत्रों में गिरती है, जिससे स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
रात के समय चिमनी से उत्सर्जन के दौरान ‘राख वर्षा’ जैसी स्थिति बनने की बात कही गई।
मुख्य मार्ग एवं हाईवे पर संयंत्र से परिवहन के दौरान भारी मात्रा में राख गिरने से सड़क किनारे गंदगी फैल रही है, जिससे राहगीरों को आंखों में जलन और श्वास संबंधी परेशानी हो रही है।
इन मुद्दों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन की उपस्थिति में संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया।
समर्थन में बोले जनप्रतिनिधि
विभिन्न ग्रामों के सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने संयंत्र विस्तार से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने, अधोसंरचना विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की संभावना जताई। ग्रामीण महिलाओं ने भी सड़क, सोलर लाइट, पेयजल एवं स्कूल सुविधाओं में सुधार को सकारात्मक पहल बताया।
कंपनी का पक्ष
कंपनी के प्रोजेक्ट प्रमुख ने कहा कि क्षमता विस्तार से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सामाजिक दायित्व के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका उन्नयन के कार्य आगे भी जारी रहेंगे।
जनसुनवाई के समापन पर प्रशासन ने समस्त आपत्तियों एवं सुझावों को विधिवत संकलित कर आगे की प्रक्रिया हेतु अग्रेषित करने की बात कही।









