श्रद्धा के धन पर सवाल: श्री श्याम मित्र मंडल के ₹1.76 करोड़ के लेन-देन पर उठे गंभीर संदेह
कोरबा। शहर के प्रतिष्ठित धार्मिक संगठन श्री श्याम मित्र मंडल इन दिनों एक बड़े वित्तीय विवाद के चलते चर्चा में है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के परिपालन में सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर द्वारा संस्था के तत्कालीन पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जारी नोटिस में तत्कालीन पदाधिकारी रोहिणी सुल्तानिया, विमल मोदी एवं मनोज अग्रवाल से वित्तीय लेन-देन को लेकर जवाब मांगा गया है। जानकारी के अनुसार, संबंधित पक्षों को कई बार अवसर दिए जाने के बावजूद अब तक न तो संपूर्ण अभिलेख प्रस्तुत किए गए हैं और न ही स्पष्ट जवाब दिया गया है, जिससे मामले में अनियमितता की आशंका और गहरा गई है।
जांच में उठे अहम सवाल
प्राथमिक जांच के दौरान संस्था के वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। इनमें प्रमुख रूप से दान पेटी में प्राप्त राशि का लेखा-जोखा, धार्मिक यात्राओं एवं संकीर्तन से हुई आय का विवरण, श्रृंगार व सदस्यता शुल्क का रिकॉर्ड, नगद लेन-देन की पारदर्शिता, चांदी की बिक्री से प्राप्त राशि तथा विभिन्न आयोजनों जैसे खाटू रेल यात्रा और गया भागवत कार्यक्रम के आय- व्यय का ब्यौरा शामिल है।
₹1.76 करोड़ से अधिक की राशि संदिग्ध
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन अनियमितताओं के आधार पर करीब ₹1,76,65,336 (एक करोड़ छिहत्तर लाख से अधिक) की राशि के उपयोग पर गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है।
श्याम भक्तों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले के सामने आने के बाद शहर में चर्चा का माहौल है और श्रद्धालुओं के बीच आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि धार्मिक संस्थाएं आस्था और विश्वास का केंद्र होती हैं, ऐसे में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।









