रायपुर में 12 अक्टूबर को सहकारी समिति कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय निर्णायक बैठक
धान खरीदी वर्ष 2025–26 में “सुखत राहत” व लंबित तीन सूत्रीय मांगों पर होगा निर्णय
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ, रायपुर के आह्वान पर प्रदेशभर के लगभग 13,000 सहकारी समिति कर्मचारियों से जुड़े संगठन की प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की निर्णायक बैठक आगामी 12 अक्टूबर 2025 को रायपुर में आयोजित की जा रही है।
बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य की 2058 सहकारी समितियों एवं 2739 धान उपार्जन केंद्रों से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर विचार-विमर्श करना है। विशेष रूप से धान खरीदी वर्ष 2025–26 में “सुखत राहत” (धान सुखत) के प्रावधान तथा लंबित तीन सूत्रीय मांगों पर निर्णय लिया जाएगा।
कोरबा जिले के सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद भट्ट ने बताया कि वर्ष 2023–24 एवं 2024–25 के धान उपार्जन में सुखत के कारण हुई आर्थिक क्षति की भरपाई अब तक शासन द्वारा नहीं की गई है, जबकि आंदोलन के बाद शासन ने लिखित आश्वासन दिया था। बावजूद इसके, आज तक उस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
इस उपेक्षा के चलते राज्य की अधिकांश सहकारी समितियाँ वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं, जिससे कर्मचारियों को समय पर वेतन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
बैठक में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के जिला अध्यक्षगण, प्रदेश कंप्यूटर ऑपरेटर महासंघ के प्रतिनिधि एवं अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। इसमें आगामी समय में किए जाने वाले संयुक्त आंदोलन की रणनीति, शासन से संवाद की दिशा एवं महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ, जिला कोरबा






