KORBA एक माह में भी फरसवानी में हुई चोरी की गुत्थी अनसुलझी, उरगा पुलिस के हाथ खाली – अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो ग्रामीण करेंगे उग्र आंदोलन

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एक माह में भी फरसवानी में हुई चोरी की गुत्थी अनसुलझी, उरगा पुलिस के हाथ खाली – अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो ग्रामीण करेंगे उग्र आंदोलन

 

 

 

 

 

कोरबा/उरगा। कोरबा जिले के उरगा थाना अंतर्गत ग्राम फरसवानी के आश्रित ग्राम संजयनगर में हुई चोरी की वारदात को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है। लगातार प्रयासों के बावजूद उरगा पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

 

घटना 27 सितंबर की रात नवरात्रि पर्व के दौरान घटी, जब गांव में दो अलग-अलग घरों में चोरी की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। चोरी का शिकार हुए भाजपा युवा मोर्चा मंडल बरपाली के मंत्री एवं निःस्वार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष राकेश श्रीवास स्वयं एक समाजसेवी और देह दानी रक्तवीर हैं, जिन्होंने कुछ वर्ष पहले अपना शरीर मेडिकल कॉलेज को दान करने की घोषणा की थी और अब तक 29 बार रक्तदान कर चुके हैं। राकेश श्रीवास ने अपनी संस्था के माध्यम से लगभग 25 हजार से अधिक मरीजों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया है।

 

इसी समाजसेवी के घर में चोरों ने सोना, चांदी और नगदी सहित लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया। उसी रात उनके पड़ोसी और भाजपा कार्यकर्ता नंदलाल केवट के घर में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था।

 

पीड़ित राकेश श्रीवास ने मामले की रिपोर्ट उरगा थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ की, परंतु एक माह बाद भी चोरी का खुलासा नहीं हो सका है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि फरसवानी और आसपास के क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष के भीतर कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त है।

 

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चोरी की घटना का खुलासा और अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

 

अब देखने वाली बात यह होगी कि उरगा पुलिस इस चुनौतीपूर्ण मामले में कब तक सफलता प्राप्त कर पाती है, या यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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