कोरबा में इन दिनों आस्था और संस्कार की एक सुंदर तस्वीर देखने को मिल रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में शहर में राम नाम लेखन महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जो लोगों को जोड़ने का काम कर रहा है।
इस अभियान का लक्ष्य है 3.33 करोड़ राम नाम लिखना,
जिसमें करीब 3 लाख परिवार भाग ले रहे हैं।
दिसंबर 2025 से शुरू हुआ यह महायज्ञ समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा फैला रहा है।
श्रद्धालुओं को राम नाम लेखन पत्रिकाएं दी गई हैं,
जिनका विधिवत पूजन कर लोग अपने-अपने घरों में राम नाम लिख रहे हैं।
कहा गया है—
“राम नाम जप के समान ही राम नाम लेखन भी पुण्यदायी होता है।”
इस महायज्ञ की सबसे सुंदर तस्वीर हैं छोटे-छोटे बच्चे,
जो पूरे मन से राम नाम लिख रहे हैं।
बच्चों का कहना है कि यह उनका छोटा सा योगदान है,
ठीक वैसे ही जैसे राम सेतु निर्माण में गिलहरी का योगदान था।
अभियान के समापन पर
सामूहिक राम नाम लेखन महायज्ञ
और राम खिचड़ी प्रसाद का आयोजन किया जाएगा।
कुल मिलाकर,
राम नाम लेखन महायज्ञ केवल लेखन नहीं, बल्कि एक सामूहिक साधना है,
जो परिवार, समाज और संस्कारों को एक सूत्र में बांध






