कन्या आश्रम की दीवार तोड़कर आंगनबाड़ी निर्माण, नियमों की खुलेआम अनदेखी — कलेक्टर से शिकायत
कोरबा जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा में शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए कन्या छात्रावास (आश्रम) परिसर के भीतर आंगनबाड़ी भवन निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। बिना किसी शासकीय अनुमति के कन्या आश्रम की बाउंड्रीवाल तोड़कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे वहां निवासरत आदिवासी बालिकाओं की सुरक्षा पर सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है।
इस मामले को लेकर ग्राम तिलकेजा निवासी अनंत कुमार धीवर ने कलेक्टर कोरबा को लिखित शिकायत सौंपते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 02 के जर्जर भवन के स्थान पर नए भवन निर्माण की स्वीकृति शासन से ली गई थी, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा जानबूझकर गलत स्थल का चयन किया गया। नियमों के विपरीत कन्या आश्रम के कैंपस के भीतर जबरन निर्माण कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि जिस परिसर में नन्ही आदिवासी बालिकाएं निवास करती हैं, वहीं भारी निर्माण कार्य कराना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है। हैरानी की बात यह है कि प्राथमिक शाला तिलकेजा परिसर में पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
निर्माण कार्य के दौरान कन्या आश्रम की बाउंड्रीवाल को बिना अनुमति तोड़ दिया गया, जिससे छात्रावास परिसर पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि दीवार टूटने से बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इतना ही नहीं, पूर्व में निर्मित आंगनबाड़ी भवन को भी बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए तोड़ दिए जाने का आरोप है, जिससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। पूरे मामले से प्रशासनिक लापरवाही और पंचायत स्तर पर मनमानी स्पष्ट रूप से उजागर हो रही है।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि आदिवासी बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए, नियमानुसार प्राथमिक शाला परिसर में ही आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जाए तथा बाउंड्रीवाल तोड़ने और नियमों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।


