गांव करंजी में 45 साल से काबिज वन भूमि पर पांच परिवारों पर जानलेवा हमला, गैरकानूनी कृत्य — 27 जनवरी को कलेक्टर कार्यालय घेराव की चेतावनी
ग्राम करंजी में 45 वर्षों से काबिज पांच परिवारों पर हुए जानलेवा हमले और कथित प्रशासनिक लापरवाही को लेकर छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने कड़ा बयान जारी किया है। भवानी ने कहा है कि इस गंभीर मामले को लेकर वे 27 जनवरी को कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग करेंगे।
भवानी ने बताया कि 21 जनवरी की सुबह जमीन विवाद का हवाला देकर सात लोगों ने 45 साल से काबिज पांच परिवारों के खेत और घर में घुसकर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़ित परिवारों पर जानलेवा हमला कर दिया। एक युवक के सिर में गंभीर चोट आई, 12 टांके लगे। एक युवक का गला दबाकर उसके सिर पर पत्थरों से वार किया गया, वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। एक बुजुर्ग का पैर तोड़ दिया गया, एक बुजुर्ग महिला के हाथ में गंभीर सूजन आ गई। दो युवतियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। यह पूरी घटना गंभीर और गैरकानूनी कृत्य है।
भवानी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर हमले के बावजूद हमलावरों पर कथित तौर पर हल्की कार्रवाई कर उसी दिन थाना परपा से छोड़ दिया गया। इससे साफ होता है कि जिम्मेदार अधिकारी हमलावरों पर मेहरबान हैं। किसी के घर में घुसकर जबरन विवाद करना, आगजनी करना और जानलेवा हमला करना क्या कानूनन सही है — यह बड़ा सवाल है।
उन्होंने बताया कि 20 जनवरी को भी वही सात लोग पीड़ित परिवारों के खेत-घर में घुसे और एक बाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इसके अगले दिन 21 जनवरी को दोबारा घुसकर जमीन की खुदाई शुरू कर दी, जिसका विरोध करने पर यह हिंसक हमला हुआ।
भवानी ने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग स्वयं को वन समिति का सदस्य बताकर जबरन कब्जा खाली कराने की कोशिश कर रहे थे, जबकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद वन विभाग ने एक वर्ष पहले बिना नोटिस दिए पीड़ित परिवारों के घर तोड़ दिए, बाउंड्री गिरा दी और घर का सामान जब्त कर लिया, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
भवानी ने कहा कि 23 जनवरी को वे स्वयं ग्राम करंजी पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की। पीड़ितों की हालत देखकर वे बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए इस तरह की गुंडागर्दी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
भवानी ने चेतावनी दी कि मंगलवार 27 जनवरी को कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग करेंगे।






