थाना बालको क्षेत्र में डकैती की साजिश का पर्दाफाश – 19 आरोपी गिरफ्तार
थाना बालको क्षेत्र में डकैती की एक बड़ी साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई कोरबा पुलिस द्वारा तकनीकी विश्लेषण और विशेष जांच टीम के माध्यम से की गई।
यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीतिश ठाकुर, नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री भूषण एक्का और नगर पुलिस अधीक्षक दर्री श्री विमल पाठक के निर्देशन में की गई।
जांच के लिए पुलिस ने 5 अलग-अलग टीमें बनाई थीं। इन टीमों में लगभग 50 अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। एक टीम ने घटनास्थल पर रहकर जांच की और अन्य टीमों ने CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी, मैदानी जांच और सूचना तंत्र के माध्यम से आरोपियों की पहचान की।
घटना का विवरण
दिनांक 06.11.2025 और 11.11.2025 को ग्राम तरईडाँड़ निवासी शत्रुघन दास के घर में करोड़ों रुपए होने की जानकारी आरोपियों को मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी चन्दकांत डिसेना ने अपने साथियों को बुलाया और डकैती की योजना बनाई।
स योजना में साहेब दास, पवनपूजन सिंह, रणु साहू, गोरेलाल पटेल, रितेश श्याम, गुनितराम पटेल सहित कई अन्य आरोपी शामिल थे।
आरोपी अलग-अलग वाहनों से रात में घटनास्थल तक पहुंचे थे और रैकी भी की गई थी। लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की गश्त को देखते हुए आरोपी घटना को अंजाम दिए बिना लौट गए।
इस साजिश में साहेब दास और नरसिंह दास द्वारा पीड़ित परिवार की जानकारी आरोपियों को उपलब्ध कराई गई थी।
गिरफ्तार आरोपी
कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें साहेब दास, विदेशी दास, सुनील दास, नंदकिशोर राठौर, पवनपूजन सिंह, संतोष श्रीवास, उमेश ठाकुर, समार सिंह, कलेश्वर सिंह, रतिराम यादव, चन्दकांत डिसेना, नरसिंह दास, श्याम जायसवाल, गोरेलाल पटेल, रितेश श्याम, गुनितराम पटेल, शंकर पटेल उर्फ छोंदू, प्रदीप यादव उर्फ लल्लू और अर्जुन विश्वकर्मा शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्य
तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों की पहचान
गाँव में की गई रैकी की पुष्टि
संदिग्ध वाहनों की गतिविधि CCTV में दर्ज
मुख्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट
मुखबिर की सूचना से मिला अहम सुराग
पुलिस की अपील
पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की सूचना तुरंत थाना बालको या डायल 112 में दें।
आपकी सूचना गोपनीय रखी जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।






