शिविर से आमजन में शासन की योजनाओं के प्रति बढ़ती है जागरूकता
ग्राम पहंदा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन, 169 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण
कोरबा, सुशासन तिहार के तहत विकासखंड कोरबा अंतर्गत क्लस्टर ग्राम पंचायत पहंदा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुष्मिता कलमेश अनंत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती बिजमोती राठिया, जनपद सदस्य श्री अनिल खुंटे, श्री किशन कोसले एवं श्री विजय पटेल, विधायक प्रतिनिधि श्री आशीष गंगोली एवं श्री दशरथ सिंह खड़िया तथा मंडल संयोजक श्री किशन साव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत पहंदा की सरपंच श्रीमती संगीता सिंह कंवर ने की। इसके अलावा पताढ़ी, उरगा, खोड्डल, मसान, तिलकेजा, कुकरीचोली, बरीडीह, देवरमाल एवं कटबितला के सरपंच भी उपस्थित रहे।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया गया। एनआरएलएम बिहान योजना अंतर्गत उत्कृष्ट आजीविका कार्य के लिए “लखपति दीदी” श्रीमती अंजनी कंवर (बरीडीह), श्रीमती बबीता (पहंदा) एवं श्रीमती रेशम रात्रे (तिलकेजा) को सम्मान प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पंचायत विभाग द्वारा 11 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए। कृषि विभाग की शाकम्भरी योजना के तहत दो हितग्राहियों को सिंचाई पंप वितरित किए गए। राजस्व विभाग द्वारा एक जाति प्रमाण पत्र एवं छह डिजिटल किसान किताबें प्रदान की गईं। पंचायत विभाग ने 23 हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास की चाबी एवं प्रशस्ति पत्र दिए गए। समाज कल्याण विभाग ने एक हितग्राही को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री पेंशन योजना अंतर्गत 43 पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति प्रदान की गई।
शिविर में कुल 497 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 169 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। क्लस्टर में उरगा, पहंदा, पताढ़ी, खोड्डल, मासन, तिलकेजा, कुकरीचोली, बरीडीह, देवरमाल, कटबितला, सेमीपाली, कुदुरमाल एवं अखरापाली ग्राम पंचायत शामिल हैं।
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शिविरों से आमजन में शासन की योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है। शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण अत्यंत आवश्यक है, जिसके लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करने की जरूरत है।
वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत पहंदा में कई मूलभूत समस्याएं अब भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। जिस स्कूल परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया, उसके पीछे स्थित तालाब वर्षों से उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है। तालाब की साफ-सफाई नहीं होने से वह उपयोग के योग्य नहीं रह गया है तथा उसकी मेड भी कई स्थानों पर टूटी हुई पड़ी है। बरसात का मौसम नजदीक होने के बावजूद अब तक तालाब के संरक्षण एवं मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच से लेकर वर्तमान सरपंच तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई हैं। जहां नियमित रूप से बाजार लगता है, वहां भी अंधेरे की समस्या बनी रहती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन सफल रहा, लेकिन ग्राम पंचायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दे ऐसे रहे, जिनकी आवाज कार्यक्रम के दौरान खुलकर नहीं उठ सकी। ग्रामीण अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि आने वाले समय में पंचायत स्तर पर इन समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर पहल की जाएगी।









