कोरबा मड़वारानी धाम में बड़ा हादसा टला: ब्रेक फेल पिकअप पेड़ से टकराई, 8 घायल — लापरवाही पर उठे सवाल

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 मड़वारानी धाम में बड़ा हादसा टला: ब्रेक फेल पिकअप पेड़ से टकराई, 8 घायल — लापरवाही पर उठे सवाल

 

 

 

 

 

कोरबा। मां मड़वारानी धाम में एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप वाहन ढलान में उतरते समय अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन का ब्रेक फेल हो गया था, जिसके चलते चालक नियंत्रण खो बैठा।

अनियंत्रित पिकअप पहले रास्ते किनारे लगे हैंडपंप से टकराई, उसे क्षतिग्रस्त करते हुए आगे बढ़ी और अंततः एक पेड़ से जा टकराई, जहां वाहन अटक गया। गनीमत रही कि वाहन खाई में नहीं गिरा, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

बताया जा रहा है कि वाहन में कुल 12 लोग सवार थे, जो शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम सल्खंड से मां मड़वारानी के दर्शन के लिए आए थे। हादसे में 8 लोग घायल हुए हैं। घायलों में पुनि राम साहू और गंगाराम साहू (पुरुष), वहीं गौरी साहू, रानी साहू और भगवती साहू (महिला) शामिल हैं। अन्य घायलों के नाम की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि दो घायलों को अपेक्षाकृत ज्यादा चोटें आई हैं।

दुर्घटनाग्रस्त वाहन का नंबर CG 11 AR 0284 है, जिसे सूरज प्रसाद कश्यप चला रहे थे। ढलान में उतरते समय अचानक ब्रेक फेल होना हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

लगातार हो रहे हादसे, प्रशासन पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, मां मड़वारानी मंदिर मार्ग पर इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं। पहाड़ी रास्ता होने के बावजूद पिकअप और अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भरकर ऊपर तक ले जाया जाता है, जो हादसों की बड़ी वजह बन रही है।

ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें जान-माल की भारी क्षति संभव है।

प्रशासन से सख्त व्यवस्था की मांग

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पहाड़ी के नीचे ही वाहनों को रोकने की व्यवस्था की जाए और ऊपर जाने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लग सके।

अब देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाती है या नहीं

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