जर्जर हसदेव पुल बना खतरे का सफर! खिशोर–पैंतरा मार्ग पर रोज जान जोखिम में डाल रहे सैकड़ों लोग
कोरबा जिले के उरगा क्षेत्र में स्थित हसदेव नदी का पुल, जो खिशोर और पैंतरा मार्ग को जोड़ता है, पिछले कई महीनों से जर्जर अवस्था में है। पुल का एक हिस्सा करीब एक फीट तक धंसकर क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल से आवागमन रोकने के लिए बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा व्यवस्था की थी। लेकिन अब स्थिति यह है कि छोटे से लेकर बड़े वाहन तक इस पुल से लगातार गुजर रहे हैं। रोजाना सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।
चिंता की बात यह है कि पुल का टूटा हुआ हिस्सा आज भी उसी स्थिति में है और समय के साथ पहले से अधिक कमजोर हो चुका है। इसके बावजूद भारी वाहनों का आवागमन जारी है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इस पुल पर कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जिला प्रशासन, संबंधित विभाग या शासन? लोगों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में स्थायी समाधान कब तक होगा


