उरगा चौक से गौ माता चौक तक बदहाल सड़क और भारी वाहनों का जाम, सात दिन में समाधान की मांग
सात दिन में समाधान नहीं तो चक्काजाम की चेतावनी
महासचिव शैलेंद्र कुर्रे ने सौंपा ज्ञापन, उरगा चौक से गौ माता चौक तक सड़क और जाम की समस्या का मामला
कोरबा। उरगा चौक से गौ माता चौक तक सड़क की बदहाल स्थिति और खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों के कारण लगातार लग रहे जाम से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों ने संबंधित प्रबंधन और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इसी मांग को लेकर महासचिव शैलेंद्र कुर्रे ने ज्ञापन सौंपते हुए सात दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं होने पर चक्काजाम आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एसईसीएल मानिकपुर क्षेत्र की खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण उरगा चौक से गौ माता चौक तक कई बार घंटों जाम की स्थिति बन जाती है। वहीं, खदानों से निकलने वाले वाहनों के पहियों के साथ सड़क पर मिट्टी और गाद आने के कारण सड़क पर धूल-मिट्टी की मोटी परत जमा हो गई है। इससे पहले से जर्जर सड़क पर आवागमन और भी मुश्किल हो गया है।
भारी वाहनों से घंटों जाम
क्षेत्रवासियों के अनुसार भारी वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण मुख्य मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती है। इससे दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि वाहनों को निकलने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। नागरिकों ने चिंता जताई कि यदि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या अन्य जरूरी वाहन जाम में फंस जाएं तो गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
सड़क पर धूल-मिट्टी बनी परेशानी
खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों के साथ सड़क पर लगातार मिट्टी आने से धूल की समस्या भी बढ़ गई है। वाहनों के गुजरने पर धूल का गुबार उठने से राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क की नियमित सफाई के साथ पानी का छिड़काव और वाहनों से मिट्टी सड़क पर आने से रोकने के प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की है।
सात दिन का अल्टीमेटम
समस्या को लेकर सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि उरगा चौक से गौ माता चौक तक जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही सड़क पर जमा मिट्टी और धूल की तत्काल सफाई कराकर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए तथा भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी यातायात व्यवस्था बनाई जाए।
स्थानीय नागरिकों ने सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आम जनता के साथ मिलकर उरगा चौक के समीप चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में खनन और औद्योगिक गतिविधियां आवश्यक हैं, लेकिन इनके कारण आम लोगों के आवागमन और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और संबंधित खनन प्रबंधन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क की स्थिति सुधारने, धूल-मिट्टी की सफाई कराने और भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि सात दिन के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन और संबंधित प्रबंधन इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।










