कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पसरखेत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश, लेकिन कई पंचायतों में आज भी अधूरे हैं आंगनबाड़ी भवन
कोरबा, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पसरखेत में बाला मॉडल के तहत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करना शासन की प्राथमिकता है और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कोरबा के सीईओ खगेश निर्मलकर को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक चरण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बाला मॉडल के सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि बच्चों को खेल-खेल में सीखने का बेहतर वातावरण मिल सके।
हालांकि जिले के कई ग्राम पंचायतों में आज भी आंगनबाड़ी भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है या वर्षों से शुरू ही नहीं हो पाया है। ग्राम पंचायत पहंदा, सरगबंदिया और खोडल जैसे क्षेत्रों में नन्हे बच्चों को अब भी पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। कहीं भवन निर्माण के लिए जमीन नहीं मिल सकी है तो कहीं निर्माण कार्य वर्षों से रुका हुआ है।
ग्राम सरगबंदिया में आज भी बच्चे दूसरे के मकान में संचालित आंगनबाड़ी में जाने को मजबूर हैं। वहीं ग्राम खोडल में बच्चों को पंचायत भवन में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। कई जगह अधूरे भवन और जर्जर व्यवस्था के बीच छोटे-छोटे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक ओर नए भवनों का निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जा रही है, तब दूसरी ओर वर्षों से रुके पड़े निर्माण कार्यों पर भी प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर जिन पंचायतों में आंगनबाड़ी निर्माण अधूरा है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई कब होगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिले के सभी अधूरे आंगनबाड़ी भवनों की समीक्षा कर जल्द निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि नन्हे बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।









