रेलिंग काटकर बनाया अवैध रास्ता, हाईवे पर पलटते-पलटते बची कार… अब ग्रामीणों में दहशत
कोरबा जिले के उरगा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तरदा के पास भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े हाईवे पर बड़ा सुरक्षा खतरा सामने आया है। यहां स्टील रेलिंग काटकर बनाया गया अवैध शॉर्टकट रास्ता अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि इसी खतरनाक कटिंग पॉइंट पर एक कार अनियंत्रित होकर पलटते-पलटते बच गई। वाहन की स्थिति ऐसी हो गई कि उसे लकड़ी के सहारे टिकाकर खड़ा करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हाईवे की सुरक्षा रेलिंग काटकर भारी वाहनों के लिए अवैध रास्ता तैयार किया गया है। इसी रास्ते से 18 चक्का ट्रेलर और भारी वाहन लगातार गांव की ओर उतर रहे हैं। आरोप यह भी है कि नीचे उतरने वाले वाहनों से खुलेआम पैसे की वसूली की जा रही है। आखिर ये वसूली कौन कर रहा है और किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कोरबा से कनकी, पंतोरा, बलौदा और जाने वाले वाहन अब इसी शॉर्टकट रास्ते का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। वजह यह है कि उरगा होकर जाने वाले नदी पुल की हालत लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। पुल बीच से लगभग एक फीट तक धंस चुका है और उसका सपोर्ट भी टूट चुका है। करीब सात महीनों से आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन मरम्मत कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।
ऐसे में भारतमाला हाईवे का यह रास्ता लोगों के लिए आसान विकल्प बन गया, लेकिन तरदा के पास रेलिंग काटकर बनाए गए अवैध कटिंग पॉइंट ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। भारी वाहन अचानक हाईवे से नीचे उतरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी उरगा पुलिस और पंचायत से की गई थी। पुलिस ने एक बार रास्ता बंद भी कराया, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही खेल शुरू हो गया। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि भारतमाला प्रोजेक्ट मार्ग पर पहले भी लूटमार और अवैध वसूली जैसे मामलों की खबरें सामने आती रही हैं।
अब ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत सौंपकर मांग की है कि कट चुकी रेलिंग की स्थायी मरम्मत कर अवैध रास्ते को पूरी तरह बंद किया जाए। साथ ही वहां हो रही कथित अवैध वसूली की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
सवाल अब भी वही है —
हाईवे की रेलिंग कटी है… भारी ट्रकों की आवाजाही जारी है… हादसे होते-होते बच रहे हैं… फिर भी जिम्मेदार विभाग खामोश क्यों हैं?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या मौत का इंतजार कर रहा है?


