गड्ढे में सड़क या सड़क पर गड्ढे? कोरबा की सड़कों ने खोली विकास की पोल!
कोरबा में विकास की रफ्तार कितनी तेज है, इसका अंदाजा शायद सड़कों को देखकर लगाया जा सकता है। सड़क बनती गई और विकास की रफ्तार के साथ गड्ढे भी बढ़ते गए। आज हालात ऐसे हैं कि सड़क तलाशने से ज्यादा गड्ढे नजर आते हैं।
रिस्दी चौक से रजगामार जाने वाली मुख्य सड़क इसका जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, बारिश का पानी और कीचड़ ने इस मार्ग को राहगीरों के लिए मुसीबत बना दिया है। कई गड्ढे इतने गहरे हैं कि वाहन चालकों को हर कदम संभलकर चलना पड़ रहा है।
सवाल सिर्फ रिस्दी-रजगामार सड़क का नहीं है। कोरबा के कई इलाकों में सड़कों की यही तस्वीर दिखाई देती है—जहां नजर डालो, वहां गड्ढे नजर आते हैं। आखिर सड़कें इतनी जल्दी जर्जर क्यों हो रही हैं? निर्माण की गुणवत्ता की जांच कौन करेगा? और बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या खत्म क्यों नहीं होती?
विधायक प्रतिनिधि एवं ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस कोरबा ग्रामीण जयकिशन पटेल ने एसईसीएल प्रबंधन को पत्र सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ तो जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा।
अब जरूरत सिर्फ आश्वासन की नहीं, जवाबदेही और जमीन पर काम की है। सरकार और जिम्मेदार विभागों को यह देखना होगा कि विकास के नाम पर सड़कें सिर्फ कागजों में न बनें, बल्कि जनता को सुरक्षित और चलने लायक सड़क भी मिले।
क्योंकि सवाल गड्ढों का नहीं, उन गड्ढों में रोज गुजरती जनता की सुरक्षा का है।
क्या जिम्मेदारों की आंख तब खुलेगी, जब किसी बड़े हादसे में किसी की जान चली जाएगी?










