Korba कुदुरमाल का जर्जर स्कूल: बाहर बारिश, अंदर भी बारिश… 350 बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

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 कुदुरमाल का जर्जर स्कूल: बाहर बारिश, अंदर भी बारिश… 350 बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कोरबा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुदुरमाल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। करीब 13 साल पुराने स्कूल भवन में जगह-जगह से पानी टपक रहा है, दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है और छत जर्जर हो चुकी है।

 

इस स्कूल में कुदुरमाल समेत करीब 10 ग्राम पंचायतों के लगभग 350 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। लेकिन बारिश के दिनों में इन बच्चों के सामने पढ़ाई से ज्यादा अपनी सुरक्षा की चिंता खड़ी हो गई है।

 

स्कूल की जर्जर छत को कहीं-कहीं तिरपाल से ढककर काम चलाया जा रहा है, जबकि कक्षाओं के अंदर बच्चों की किताबों और सामान को भी पानी से बचाने के लिए तिरपाल लगानी पड़ रही है। सवाल यह है कि जब बाहर बारिश हो रही हो और कक्षा के अंदर भी पानी टपक रहा हो, तो बच्चे आखिर पढ़ाई कैसे करें?

 

वहीं, कई जगहों पर दीवारों से प्लास्टर निकल रहा है और भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ऐसे में अगर अचानक छत या दीवार का कोई हिस्सा गिरता है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

 

❓ शासन-प्रशासन से सीधे सवाल

 

क्या स्कूल भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक समय पर पहुंची थी?

 

क्या BEO और DEO कार्यालय ने भवन का भौतिक निरीक्षण किया?

 

अगर भवन जर्जर घोषित किया जा चुका है, तो उसी भवन में बच्चों की कक्षाएं क्यों संचालित की जा रही हैं?

 

और सबसे बड़ा सवाल—क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

 

ग्रामीणों और शाला प्रबंधन समिति ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्कूल भवन का निरीक्षण कराया जाए, बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए।

 

बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, सिर पर जर्जर छत का डर नहीं।

 

अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है

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