जेसीआई कोरबा सेंट्रल की एआई बिजनेस ट्रेनिंग में 100 से अधिक व्यवसायियों ने लिया प्रशिक्षण
एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग से कारोबार में समय बचाने और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर
कोरबा। जेसीआई कोरबा सेंट्रल द्वारा “द मेगा बिजनेस ट्रेनिंग–एआई टूल्स फॉर बिजनेस ग्रोथ” विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कोरबा के 100 से अधिक व्यवसायियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यवसायियों को बदलते व्यावसायिक परिवेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक एवं प्रभावी उपयोग की जानकारी देना रहा।
प्रशिक्षण सत्र पुणे के ट्रेनर एवं लेखक गोल्डी अंबवानी ने लिया। उन्होंने व्यवसाय से जुड़े विभिन्न कार्यों में एआई टूल्स के उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि इनके माध्यम से समय की बचत, कार्यक्षमता में वृद्धि, बेहतर संवाद और दैनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एआई के विभिन्न व्यावसायिक उपयोगों से अवगत कराया गया। साथ ही यह समझाया गया कि आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल कारोबार से जुड़े नियमित कार्यों को आसान और प्रभावी बनाने में किस प्रकार सहायक हो सकता है। व्यवसायियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और एआई के व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कोरबा के अध्यक्ष योगेश जैन रहे। विशिष्ट अतिथियों में सीए आशीष खेतान, विजय अग्रवाल (डिस्ट्रिक्ट गवर्नर, लायंस इंटरनेशनल), पूर्व अध्यक्ष सजन अग्रवाल एवं पूर्व जोन अध्यक्ष सीए अमर अग्रवाल शामिल रहे।
इस अवसर पर शुभम अग्रवाल, रोहित असरानी, नरेंद्र अग्रवाल, आनंद अग्रवाल, जोन उपाध्यक्ष अंकित टमकोरिया, सनी मित्तल, उत्कर्ष अग्रवाल, राजन बरनवाल, राम कुमार सोनी एवं अभिषेक अग्रवाल सहित जेसीआई एवं व्यवसायिक क्षेत्र से जुड़े सदस्य और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आयोजन में प्रोजेक्ट डायरेक्टर आदित्य अग्रवाल, अध्यक्ष सीए त्रिलोकी नाथ बजाज, अभिषेक अग्रवाल, अंश अग्रवाल, प्रवेश अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, सीए पलाश रेलवानी, प्रियम अग्रवाल, सीए अंकित अग्रवाल एवं ज्योति बाला सहित जेसीआई कोरबा सेंट्रल के सदस्यों का सहयोग रहा।
जेसीआई कोरबा सेंट्रल के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य व्यवसायियों को केवल एआई की सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यवसाय में इसके व्यावहारिक और प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक करना भी था। वर्तमान समय में तकनीक की बढ़ती भूमिका को देखते हुए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम व्यवसायियों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं।










