ऊर्जा नगरी – कोरबा को देश की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ से देशभर को बिजली सप्लाई होती है।
2. बड़ी परियोजनाएँ – एनटीपीसी, सीएसईबी, बालको (अल्युमिनियम उद्योग) जैसे बड़े उद्योग मौजूद हैं।
3. प्राकृतिक संपदा – यहाँ कोयला, बॉक्साइट और अन्य खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में है।
4. पर्यटन स्थल –
सतरेंगा,
मड़वारानी मंदिर,
पाली मंदिर,
देवरी जलप्रपात,
वनांचल और आदिवासी संस्कृति।
5. नदी-घाटी – हसदेव नदी, लेमरू एलीफेंट रिज़र्व और घने जंगल इसकी पहचान हैं।
कोरबा जिले की प्रमुख समस्याएँ
1. प्रदूषण – कोयला खदानों और ताप बिजली घरों से धुआं व राख प्रदूषण फैलाती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ होती हैं।
2. कोयला खदान हादसे – बार-बार दुर्घटनाएँ होती हैं, जिससे मजदूरों की जान जाती है।
3. जल संकट – उद्योगों में अधिक पानी खपत होने से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पीने के पानी की कमी।
4. बेरोजगारी – बड़े उद्योग होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं।
5. स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी – ग्रामीण इलाकों में अच्छे अस्पताल और डॉक्टरों की कमी।
6. सड़क व यातायात समस्या – ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें जर्जर, जिससे आवागमन कठिन।
7. जंगल और हाथी समस्या – हाथियों का लगातार मानव बस्तियों में प्रवेश और फसल नुकसान।
8. शिक्षा व्यवस्था कमजोर – ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा कम।









