Home कोरबा कोरबा प्रार्थना सभा में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप, महिलाओं-बच्चों को...

कोरबा प्रार्थना सभा में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप, महिलाओं-बच्चों को भी नहीं बख्शा! ओमपुर में तनाव, FIR दर्ज

0
55

 

 

 | कोरबा प्रार्थना सभा में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप, महिलाओं-बच्चों को भी नहीं बख्शा! ओमपुर में तनाव, FIR दर्ज

 

 

 

 

 

कोरबा जिले के रजगामार चौकी अंतर्गत ओमपुर में रविवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब चर्च में आयोजित नियमित प्रार्थना सभा के दौरान जमकर विवाद और मारपीट होने का मामला सामने आया।

 

मसीही समाज का आरोप है कि बजरंग दल से जुड़े प्रवीण राठौर, मयंक और यश दास सहित कुछ लोग प्रार्थना सभा के दौरान वहां पहुंचे और प्रार्थना कर रहे लोगों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

 

मामले में शिकायतकर्ता पास्टर पितांबर सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रार्थना स्थल से खींचकर मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे ब्रिजलाल के साथ भी मारपीट कर उनकी शर्ट फाड़ दी गई। शिकायत में महिलाओं के साथ अभद्रता, अश्लील हरकत और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यहां तक कि छोटे बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार और मारपीट किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।

 

इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता की मारुति 800 कार में तोड़फोड़ कर चारों शीशे तोड़ने और दरवाजों को क्षतिग्रस्त करने का आरोप भी लगाया गया है।

 

समाज के अध्यक्ष का बयान:

 

मसीही समाज के अध्यक्ष गोस्वामी ने कहा कि समाज ने चक्काजाम नहीं किया था, बल्कि शांतिपूर्वक अपनी मांग रखी थी। उनका कहना है कि जब लोग पिछले 26 वर्षों से रविवार को नियमित रूप से प्रार्थना और आराधना कर रहे थे, तब वहां पहुंचकर जबरदस्ती विवाद करना, मारपीट करना और वाहनों में तोड़फोड़ करना बेहद गंभीर मामला है। समाज की मांग है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

 

धर्मांतरण के आरोप को लेकर भी विवाद:

 

वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठन से जुड़े लोगों की ओर से चर्च में धर्मांतरण कराए जाने का आरोप लगाया गया है। इसी आरोप को लेकर पहले भी क्षेत्र में विवाद सामने आ चुका है। हालांकि धर्मांतरण के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

पुलिस ने दर्ज किया मामला:

 

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने कोरबा-रजगामार मुख्य मार्ग पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।

 

पास्टर पितांबर सिंह की लिखित शिकायत पर प्रवीण राठौर, मयंक और यश दास के विरुद्ध FIR दर्ज कर पुलिस ने मामले को विवेचना में लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

 

आम नागरिकों के अधिकार पर बड़ा सवाल

 

भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म को मानने, उसका पालन करने और शांतिपूर्वक धार्मिक आचरण करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। हालांकि यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता, स्वास्थ्य और अन्य संवैधानिक प्रावधानों के अधीन है।

 

यदि किसी धार्मिक गतिविधि को लेकर किसी संगठन या व्यक्ति को आपत्ति है, तो उसके लिए कानून और प्रशासन का रास्ता खुला है। किसी के धार्मिक स्थल में जबरन प्रवेश कर मारपीट करना, महिलाओं से अभद्रता करना, बच्चों को परेशान करना या वाहनों में तोड़फोड़ करना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

 

सवाल यह है कि क्या अब आम नागरिक अपने घर या धार्मिक स्थल पर शांतिपूर्वक प्रार्थना और आराधना भी नहीं कर सकते? किसी को आपत्ति है तो वह प्रशासन के सामने अपनी बात रखे, लेकिन कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार आखिर किसने दिया?

 

कोरबा पुलिस से अब समाज की मांग है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच हो और शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।