रायपुर में मसीह समाज की महा रैली, धर्मांतरण संशोधन विधेयक 2026 पर बढ़ा विवाद
रायपुर। राजधानी के तोता मैदान में शनिवार को मसीह समाज द्वारा एक विशाल महा रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान धर्मांतरण संशोधन विधेयक 2026 को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम ने सरकार के समक्ष अपनी आपत्तियां और चिंताएं रखीं।
रैली में बड़ी संख्या में शामिल लोगों ने विधेयक के कुछ प्रावधानों को लेकर असहमति जताई और इसे संशोधित करने की मांग की। फोरम की ओर से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष तथा नेता प्रतिपक्ष को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें 45 हजार लोगों के हस्ताक्षर शामिल हैं।
फोरम का कहना है कि प्रस्तावित विधेयक में धर्मांतरण की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही, किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगते ही जांच शुरू करने के प्रावधान को न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है। फोरम ने यह भी आशंका जताई कि जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया एकतरफा हो सकती है।
ज्ञापन में विदेशी फंडिंग और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े प्रावधानों पर भी आपत्ति दर्ज की गई है। फोरम के अनुसार, इन प्रावधानों से समाज के एक वर्ग में भय और असमंजस का माहौल बन सकता है।
क्रिश्चियन फोरम ने सरकार से मांग की है कि इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए, ताकि सभी पक्षों पर विस्तार से विचार किया जा सके और आवश्यक संशोधन किए जा सकें।
फोरम ने राज्यपाल को भी 45 हजार हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया है कि व्यापक चर्चा के बाद ही इस विधेयक पर अंतिम निर्णय लिया जाए।
फिलहाल, धर्मांतरण संशोधन विधेयक 2026 को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या इस विवादित विधेयक में कोई बदलाव किया जाता है।









