कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत, गांवों में मातम
रोजगार की तलाश में कश्मीर गए थे, आतंकियों की गोलीबारी में गई जान; मददगार की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
बिलाईगढ़/सक्ती/कुलगाम। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। आतंकियों की गोलीबारी में राज्य के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में एक बिलाईगढ़ क्षेत्र के छुइहा गांव निवासी भूपेंद्र तथा दूसरा सक्ती जिले के बुंदेली गांव का निवासी बताया जा रहा है। दोनों मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों मजदूर कुलगाम क्षेत्र में कार्यरत थे। इसी दौरान आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मामले की जांच जारी है।
इधर, बिलाईगढ़ के छुइहा गांव में भूपेंद्र की मौत की खबर पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि भूपेंद्र के माता-पिता भी रोजगार के सिलसिले में बाहर गए हुए हैं, जबकि घर पर उसकी तीन वर्षीय बेटी और बहन हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और परिजन सरकार से आर्थिक सहायता एवं परिवार के पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है। वहीं छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इस आतंकी हमले को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
इस बीच सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई में एक अहम सफलता भी मिली है। कुलगाम में आतंकियों के एक कथित मददगार को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड और आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर आतंकी नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा आतंकियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


